सुधीर कुमार
कोलकाता/मुजफ्फरपुर : पश्चिम बंगाल और बिहार में रविवार को पारंपरिक अंदाज और उत्साह के साथ सरस्वती पूजा मनाई गई।
विद्या, संगीत और कला की देवी सरस्वती की राज्य भर में पूजा-अर्चना की गई और लोग देवी की मिट्टी की मूर्तियों को लाते नजर आए।
वसंत के आगमन को चिन्हित करने वाले पर्व बसंत पंचमी के उपलक्ष्य में कई बच्चे पारंपरिक पीले रंग की पोशाक पहने हुए थे। वहीं, महिलाएं साड़ी और पुरुष कुर्ता पहने नजर आए।
पंचांग के अनुसार इस बार पूजा अनुष्ठान शनिवार से शुरू हुआ लेकिन मुख्य समारोह रविवार सुबह से लेकर धूमधाम के साथ दोपहर तक चलता रहा। स्कूल, कॉलेजों, सामुदायिक क्लबों और घरों में पूजा समारोह आयोजित किए गए जहां झांझ और शंख वाद्य यंत्रों की ध्वनि और पुजारियों के मंत्रोंच्चार के बीच भक्तों ने देवी सरस्वती की मूर्ति पर मौसमी पलाश के फूल चढ़ाकर आशीर्वाद लिया।
इस दौरान भक्तों के बीच फूलों, फलों और मिठाइयों का प्रसाद भी बांटा गया।
देवी सरस्वती का आशीर्वाद लेने के लिए विद्यार्थियों में भी उत्साह देखा गया। इस दौरान कई छात्र-छात्राएं अपनी किताबें, पेन और वाद्य यंत्र देवी के चरणों में रखकर आशीर्वाद लेते दिखे।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लोगों को बसंत पंचमी की बधाई देते हुए ट्वीट में कहा, मेरे सभी भाइयों और बहनों को सरस्वती पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं।
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